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Yogendra Sharma
ये ''नाटकबाजी'' क्यों ...?
मौत की सजा का सामना कर रहे दोषियों की अपनी सजा की समीक्षा के लिए की जाने वाली अपील की सुनवाई खुले न्यायालय में हो अथवा न्यायाधीशों के चैम्बर में...क्या कोई फर्क पड़ता है...पिछले दिनों उच्चतम न्यायालय ने व्यवस्था दी कि मौत की सजा का सामना कर रहे दोषियों की अपनी सजा की समीक्षा के लिए की जाने वाली अपील पर सुनवाई कम से कम तीन न्यायाधीशों की पीठ द्वारा खुली अदालत में की जाए...अभी तक इन याचिकाओं की सुनवाई न्यायायाधीशों के चैम्बर में हुआ करती थी...यहां यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि चैम्बर अथवा खुली अदालत में होने वाली किसी भी मामले की सुनवाई के बाद होने वाले निर्णण क्या अलग-अलग हो सकते हैं...क्या अलग-अलग स्थानों पर होने वाली सुनवाई का अलग-अलग प्रभाव होता है...इसके लिए क्या अलग-अलग कानून लागू होते हैं...यदि नहीं, तो क्या फर्क पड़ता है मौत की सजा का सामना करने वाले दोषियों की सजा की समीक्षा की अपीलों की सुनवाई खुले न्यायालय में हो अथवा न्यायाधीशों के चैम्बर में...तर्क दिया जा रहा है कि खुली अदालत में फांसी की सजा प्राप्त लोगों को आधे घंटे तक अपना पक्ष रखने का समय भी दिया जाएगा...जिससे अदालत को अपराधी की मानसिक दशा, पीड़ा, भावनाओं, विचारों को जानने का अवसर मिलेगा...जिंदगी और मौत के बीच केवल एक अंतिम फैसले के समय अदालत में खड़ा व्यक्ति क्या कहेगा, यह महत्वपूर्ण होगा...कानून के जानकार बताते हैं कि यह मौका तो अपराधी को कई बार मिल चुका होता है...सबसे पहले उसे जब निचली अदालत द्वारा फांसी की सजा दी जाती है तब वह अपनी हर बात अदालत के समक्ष रख चुका होता है...लेकिन फैसले से पहले उसे नहीं पता होता है कि वह मौत की सजा पाने वाला है...किंतु उच्च न्यायालय, उच्चतम न्यायालय, राष्ट्रपति और पुनर्याचिकाओं के वक्त उसे यह अच्छी तरह पता होता है कि उसे मौत की सजा हो चुकी है...सभी जगह वह अपने बचाव के लिए अपनी मानसिक स्थिति, पीड़ा, भावना, विचार आदि व्यक्त कर चुका होता है...फिर, क्या नया पेश कर देगा वह उच्चतम न्यायालय के समक्ष अपनी सजा की समीक्षा के लिए की गई अपील की सुनवाई में आधे घंटे के दौरान...क्या निठारी काण्ड का सुरेन्द्र कोली माफी का हकदार है...क्या दिल्ली के निर्भया कांड के अपराधी माफी के हकदार हैं...क्या ऐसे कई दुर्लभ से दुर्लभतम अपराध करने वाले मुजरिम माफी के हकदार हैं...चाहे उनकी मानसिक दशा, पीड़ा, भावना और विचार कुछ भी हों...यदि नहीं, तो फिर ये कथित ''नाटकबाजी'' क्यों...?
Textile News
गणेश चतुर्थी पर सिले सिलाये वस्त्रों .......
सीकर/ इस पखवाड़े एक मात्र बड़ा त्यौहार गणेश चतुर्थी पर सीकर में सिले सिलाये वस्त्रों की मांग रही। शहर के कपड़ा बाजार सुभाष चौक, बावड़ी गेट, तबेला में रेडीमेड कपड़ों में छोटो बच्चों की कुर्ता पायजामा की विशेष मांग रही। वही बडों की वैरायटी में रंगीन फैन्सी कुर्ता पायजामा दुपट्टा की बिक्री रही। दो दिवसीय गणेश चतुर्थी महोत्सव में शहर के व्यापारियों ने घरों व अपने अपने प्रतिष्ठानों में गणेश पूजन धूमधाम से किया। शहरके प्रमुख गणेश मंदिर में फतेहपुरी गेट के कपड़ा व्यापारियों ने दो दिवसीय गणेश महोत्सव में बढ़ चढ़ कर भाग लिया। सीकर शहर के सभी कपड़ा व्यापारियों की एक विशेष बात यह रही कि वें अपने अपने प्रतिष्ठान खोलने से......
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हर बदलते फैशन को अपनाने में नॉर्थ इंडिया सबसे....
अमृतसर/ देश की सुविख्यात टेक्सटाइल कम्पनी ''डोनियर इंडस्ट्रीज लिमिटेड'' की 24 अगस्त को स्थानीय ''मोहन इण्टरनेशनल'' में डोनियर के अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर्स '' मैसर्स शिखा टेक्सटाइल'' के तत्वावधान में भव्य रिटेल कॉन्फ्रेन्स सम्पन्न हुई जिसका उद्घाटन करते हुए कम्पनी के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्री अजय अग्रवाल एवं कम्पनी के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री राजेन्द्र अग्रवाल ने इस अभूतपूर्व आयोजन के लिए मैसर्स शिखा टेक्सटाइल के संचालक श्री गुलशन अरोड़ा (गुल्लु भाई) को ढेर सारी बधाइयां दी। इस अवसर पर श्री राजेन्द्र अग्रवाल ने कहा कि हम क्षेत्र विशेष के लोगों की टेस्ट और प्रिफरेंस को ध्यान में रखते हुए कपड़ा बनाते हैं। उन्होंने कहा कि आजकल फैशन बहुत जल्दी चेंज होता है। नॉर्थ इंडिया हर बदलते फैशन को अपनाने में सबसे आगे रहता है, इसलिए हम अपना हर उत्पाद उत्तरी भारत, खासतौर से पंजाब से लॉञ्च करते हैं। क्योंकि यहां से लॉञ्च करने पर पूरे भारत से अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है। 
उन्होंने कहा कि दीपावली के फेस्टिव सीजन को ध्यान में रखते हुए हमने Infinity, Atlantis और Leader कलेक्शन को लॉञ्च किया है। हमारे D''cott प्रॉडक्ट को गारमेण्ट क्षेत्र में देश के 200 रेडीमेड गारमेण्ट स्टोर्स द्वारा बेचा जाता है। इसके अलावा देश के लगभग सभी गारमेण्ट मैन्यूफैक्चरर्स को ''''डोनियर'' अपने सभी उत्पाद सप्लाई करता है। उन्होंने बताया कि डोनियर के सभी फैब्रिक विश्व के 29 देशों को एक्सपोर्ट किए जाते हैं। श्री राजेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि भारत में डोनियर वर्तमान में 20,000 रिटेलर्स से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक रिटेलर्स व होलसेलर्स तक पहुंचने के लिए कॉन्फ्रेंसेज का आयोजन किया जाता है। हमने एक वर्ष में 70 से 80 कॉन्फ्रेंस करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि हमने डोनियर का एन्थम भी बनाया है जो हमारी कम्पनी की पारदर्शिता, कल्चर, उद्देश्य एवं ग्राहक से हमारे कमिटमेण्ट को परिलक्षित करता है। हमारे सभी एम्प्लॉइज प्रतिदिन 11 बजे खड़े होकर सम्मान से इसे गाते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का विजन एवं कार्यशैली निश्चित ही टेक्सटाइल को एक नया आयाम देगी। सरकार के केन्द्रीय बजट में भी टफ व टेक्सटाइल पाक्र्स को काफी फण्ड दिया गया है। उसे भली प्रकार उपयोग करने की आवश्यकता है। मेरी नजर में मोदी सरकार का द्वारा प्रस्तावित वस्त्र उद्योग पर काफी सकारात्मक प्रभाव डालेगा। उन्होंने बताया कि भारत के हर राज्य में हमारी उपस्थिति है। यूपी, बिहार सहित देश के लगभग हर रिटेलर के पास हमारा कपड़ा मिलेगा। इस अवसर पर कार्यक्रम के दौरान श्री गुल्लुजी का ब्राण्ड के प्रति लगाव, व्यापारियों से घनिष्ठ संबंध तथा डोनियर के उत्पादों की दिनोंदिन बढ़ती लोकप्रियता का कुछ ऐसा ताल-मेल देखने को मिला कि इस क्षेत्र के 600 से अधिक प्रतिष्ठित रिटेलर्स ने इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। उत्तर भारत में अपना विशेष मुकाम रखने वाले ''''डोनियर'' ने हर बार की भांति इस बार भी यहाँ नई व अद्भुत फैब्रिक रेंज को प्रदर्शित किया। इस शुभ अवसर पर कम्पनी के वाइस प्रेसीडेण्ट श्री मनीष शुक्ला ने उपस्थित व्यापारियों को कम्पनी की नयी फैब्रिक रेंज इनफिनिटी, अटलांटिस, न्यू जॅनरेशन तथा लीडर कलेक्शन की खूबियों से परिचित कराया। इन वस्त्रों का निर्माण फैंसी व इंपोर्टेड यार्न के प्रयोग से कम्पनी के स्टेट ऑफ दी आर्ट टेक्नालॉजी से लैस प्लांट में किया जाता है जिससे यह वस्त्र अतुलनीय व आकर्षक होते हैं। इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले व्यापारियों ने कम्पनी द्वारा प्रदर्शित फै ब्रिक रेंज को सिर्फ सराहा ही नहीं अपितु उसकी दिल खोलकर बुकिंग भी कराई है। इस शानदार कार्यक्रम के समापन के अवसर पर कम्पनी की ओर से श्री मनीष शुक्ला व एजेंट श्री चन्दर सिक्का ने व्यापारियों द्वारा निरंतर इसी प्रकार के सहयोग की अपेक्षा की तथा उनके आगमन पर आभार व्यक्त किया।
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उत्पादकों एवं वितरकों का एक बड़ा वर्ग केवल अंतिम उपभोक्ताओं को ही उपभोक्ता समझते हैं। यह बड़ी भूल है। वास्तव में बड़ी ब्रांड के रिटेलर भी कम्पनी के उपभो....
स्वतंत्रता प्राप्ति के इतने वर्षों बाद भी न्यायिक प्रक्रिया को गति देने और मुकद्दमों का बोझ कम करने के लिए कोई ठोस व्यवस्था को कायम नहीं किया जा सकना ....
Interviews
श्री उमराव शेर सिंह उप्पल
श्री उमराव शेर सिंह उप्पल
जीएम (मार्केटिंग) - जेसीटी लि.
कॉटन क्लॉथ मैन्यूफैक्चर से एक मल्टी फंक्शनल प्रॉडक्ट प्रॉड्यूसर में बदल गई देश की प्रसिद्ध टेक्सटाइल कम्पनी जेसीटी के अनुभवी जीएम (मार्केटिंग) श्री शेर सिंह उप्पल से ''टेक्सटाइल वर्ल्ड'' के ब्यूरो चीफ संजय शर्मा ने पिछले दिनों उनकी कम्पनी, मार्केट टे्रंड, घरेलू एवं निर्यात बाजार के बारे में विस्तृत चर्चा की। श्री उप्पल कम्पनी के फैशन गारमेण्ट एक्सपोर्ट के नोमिनेटेड और नॉन नोमिनेटेड सेग्मेंट तथा आर एम जी व डॉमेस्टिक फैशन ब्राण्ड्स विभाग के लिए संपूर्ण प्रशासनिक नियंत्रण की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। चर्चा के दौरान श्री उप्पल ने महत्वपूर्ण बिंदुओं पर कुछ उल्लेखनीय विचार प्रकट किए। प्रस्तुत है श्री उप्पल से हुई चर्चा के प्रमुख अंश- 

प्रश्न- ''जेसीटी लि.'' की मुख्य प्रॉड्क्ट लाइन्स क्या हैं एवं उनकी क्या विशेषताएं हंै ? 
श्री उमराव शेर सिंह उप्पल- हमारे पास काफी विविधतापूर्ण पोर्टफोलियो है, जिससे हम बदलते मांग एवं उपभोग पैटर्न के अनुसार समय-समय पर बदलते रहते हैं। इस पोर्टफोलियो में शत प्रतिशत कॉटन एवं ब्लेण्डेड पीस डाइड, यार्न डाइड, आरएफडी/ व्हाइट, प्रिण्ट फैब्रिक्स, शत् प्रतिशत पोलिएस्टर, शत प्रतिशत नायलॉन फैब्रिक्स, टेक्निकल फैब्रिक्स जैसे एण्टी-स्टेटिक फ्लेम रिटार्डेण्ट, वाटर रेफोण्ट, एमआर, ब्लेण्डेड व कोर स्पन में स्ट्रेच फैब्रिक और स्पेशल फिनिशेज एवं कोटिंग्स शामिल है। 

प्रश्न- अनेक प्रतिकूलताओं के बावजूद जेसीटी किस प्रकार बाजार में स्थायित्व बनाए हुए है ? 
श्री उमराव शेर सिंह उप्पल- जेसीटी 80 वर्षों से वस्त्र व्यवसाय में संलग्न है। 3 वर्षों में इसने स्वयं को एक बेसिक प्रॉडक्ट मैन्यूफैक्चरर से वर्क वीयर फैब्रिक्स एवं फैशन की अग्रणी बॉटम वेट मिल के रूप में स्थापित कर लिया। समय के साथ कम्पनी ने यार्न डाइड, पीस डाइड, प्रिण्ट, फिनिशेज, कोटिंग्स, एफआर में आधुनिकीकरण किया। साथ ही शत प्रतिशत पोलिएस्टर एवं नायलॉन फैब्रिक्स ऑफर करने के लिये परफॉर्मेन्स फैब्रिक्स प्लाण्ट स्थापित किया। हमने हाल ही में ''जेसीटी होम' नाम से टेक्निकल टेक्सटाइल और बेड एण्ड बाथ रेंज में कदम रखा है। बाजार से हमें अपने नए उत्पादों के लिये काफी अच्छी प्रतिक्रिया प्राप्त हुई हैं।

प्रश्न- जेसीटी बैम्बू, कॉटन बैम्बू ब्लेण्डï्स एवं रिसाइकल पोलिएस्टर फैब्रिक्स का उत्पादन कर रही है, ग्राहकों की कैसी प्रतिक्रिया है ?
श्री उमराव शेर सिंह उप्पल- बैम्बू फाइबर की कुछ सीमाएं है, अत: इसे वूवन टेक्सटाइल में उपयोग नहीं किया जा सकता। जहां तक रिसायकल पोलिएस्टर की बात है तो इसे बाजार ने अच्छे से अपनाया है एवं यह हमारी व्यावसायिक सफलता बना है।

प्रश्न- कम्पनी की मुख्य विस्तार योजनाएं क्या हैं ?
श्री उमराव शेर सिंह उप्पल- हम इण्डिगो डाइड प्रॉडक्ट्स के लिये योजनारत हैं और अपनी स्पिनिंग रेंज को अपडेट करने तथा और लूम्स लगाने के प्रयास में हैं। हम 180 मशीनों के साथ पहले ही गारमेण्ट यूनिट संचालित कर रहे हैं। यदि हमें गारमेण्टिंग में ग्रोथ नजर आएगी तो हम इस क्षमता में वृद्धि कर सकते हैं।

प्रश्न- आप काफी समय से कम्पनी से जुड़े हुए हैं, जेसीटी में आप क्या बदलाव देखते हैं?
श्री उमराव शेर सिंह उप्पल- मैं जेसीटी से 20 वर्षों से जुड़ा हुआ हूँ और मैंने कम्पनी को कॉटन क्लॉथ मैन्यूफैक्चरर से एक मल्टी-फंक्शनल प्रॉडक्ट प्रोडूसर में तब्दील होते देखा है। हम बदलती मांग के साथ अपनी तकनीकी क्षमताओं को अपडेट कर रहे हैं।

प्रश्न- घरेलू बाजार एवं निर्यात बाजार के लिहाज से आप भारतीय वस्त्र उद्योग का वर्तमान एवं भविष्य कैसा देखते हैं ?
श्री उमराव शेर सिंह उप्पल- प्रॉडक्ट के उपयोग में मांग की विविधता भारत जैसे बड़े देश में विकास के कई अवसर प्रदान करती है। जहां तक निर्यात बाजार का सवाल है, हम अपने अनुभव एवं तकनीकी जागरूकता के साथ वैश्विक बाजार की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है।

प्रश्न- आप भारतीय एवं विदेशी ग्राहको की पसंद में क्या अन्तर देखते हैं ? 
श्री उमराव शेर सिंह उप्पल- हम वूवन फैब्रिक्स में कार्यरत हैं, अत: मुख्य अंतर फैशन में बदलाव का नजर आता है। विदेशों में भारत के मुकाबले बड़ी तेजी से फैशन चेंज होता है।

प्रश्न- वस्त्र उद्योग की वर्तमान समस्याएं क्या है?
श्री उमराव शेर सिंह उप्पल- मुझे कोई समस्याएं नजर नहीं आती है। हाँ, कुछ चुनौतियां जरूर है, जिनका हमें सामना करना है। ये तो चलता रहता है। सरकार की फ्रेंडली ट्रेड पॉलिसी इन चुनौतियों से निपटने में हमारी सहायता करेगी।

प्रश्न- चीन या अन्य किसी देश से प्रतिस्पर्धा के बारे में क्या कहना चाहेंगे ? 
श्री उमराव शेर सिंह उप्पल- ''सर्वाइवल ऑफ द फिटेस्ट'' प्रकृति का आधारभूत नियम है। जेसीटी में हम प्रतिस्पर्धा का सामना करने के लिये इसी फिलॉसोफी को अपनाते हैं।