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Yogendra Sharma
धर्मान्तरण
वर्तमान में केन्द्र में खाद्य मंत्री श्री रामबिलास पासवान ने एक बार कहा था कि ''''''''बाबर के साथ कितने मुसलमान भारत आए थे? केवल 40 । वह करोड़ों कैसे बन गए?'''''''' इसका जवाब भी वह खुद देते हैं, ''''''''ऐसा हमारे जैसे लोगों के कारण हुआ था। दलित तथा निचली जाति के लोगों को मंदिर में प्रवेश नहीं मिला इसलिए वह मस्जिदों में चले गए।'''''''' यह कथित उच्च हिंदू जातियों का अहं था जिसने धर्मांतरण की मुहिम को बल दिया।स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी, डॉ. राधाकृष्णन तथा अटल बिहारी वाजपेयी सबने ईसाई मिशनरियों की गतिविधियों के बारे में लोगों को सावधान रहने को कहा था। गांधीजी विशेषतौर पर स्पष्ट तथा मुखर थे। उन्होंने कहा था कि ''''''''ईसाई मिशनरियों का काम तबाही लाया है। यह किसी भी और बिजनेस की तरह बिजनेस है।'''''''' उन्होंने बार-बार मिशनरियों को लताड़ते हुए कहा, ''''''''हर देश का धर्म उसके लोगों के लिए पर्याप्त है। उनके धर्मांतरण की जरूरत नहीं।'''''''' कहा जाता है कि मुसलमानों एवं ईसाइयों का लक्ष्य हिंदू धर्म को उसकी जड़ों से उखाडऩा तथा उसकी जगह एक और धर्म को स्थापित करना रहा है।यह ऐतिहासिक तथ्य है कि भारत भूमि से पैदा हुए सभी धर्म-हिंदू, जैन, बौद्ध या सिख, किसी ने भी अपने प्रसार के लिए तलवार या थैली का सहारा नहीं लिया। यही बात इस्लाम या क्रिश्चैनिटी के लिए नहीं कही जा सकती।धर्मांतरण के कारण हमारे समाज में भारी तनाव है क्योंकि योजनाबद्ध तरीके से हिंदू धर्म को कमजोर करने का प्रयास हो रहा है। आंध्रप्रदेश में भी पिछले कुछ वर्षों में ईसाई जनसंख्या में 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जितना पैसा ईसाई मिशनरियों तथा इस्लामिक संगठनों के पास है उसके मुकाबले तो हिंदू संगठन अव्यवस्थित हैं।अभी हाल ही में आगरा में 57 बंगाली मुस्लिम परिवारों को हिन्दूधर्म में वापसी को लेकर जो बवाल मचा वह यह पंक्तियां लिखे जाते वक्त तक रुक नहीं रहा। विपक्ष उत्तेजित है कि ''''हिंदू एजेंडा'''' थोपा जा रहा है तो दूसरी तरफ संघ परिवार से संबंधित संगठन ''''घर वापसी'''' के इस अभियान को जोरशोर से जारी रखने की बात कर रहे हैं। धर्म जागरण मंच के पश्चिमी उत्तरप्रदेश के प्रमुख राजेश्वर सिंह ने दावा किया है कि अब तक वह तीन लाख से अधिक लोगों की ''''घर वापसी'''' करा चुके हैं। उन्होंने कहा कि 2021 तक सबको हिंदू बना दिया जाएगा। उन्होंने आगरा में आयोजित बहुचर्चित ''''घर वापसी'''' कार्यक्रम को लेकर लोगों पर जबरदस्ती हो-हल्ला मचाने का आरोप लगाया।देश में अब तक मुसलमान एवं ईसाईयों ने करोड़ों हिंदुओं का धर्मांतरण करा दिया किंतु कोई ''''चूं'''' तक नहीं बोला। 57 मुसलमानों की ''''घर वापसी'''' पर तूफान खड़ा हो गया।सरकार ने प्रस्ताव रखा है कि धर्मांतरण पर ही पाबंदी लगा दी जाए पर कांग्रेस पार्टी तैयार नहीं क्योंकि अगर सोनिया जी की पार्टी धर्मांतरण पर पाबंदी का समर्थन करती है तो यह उसके सेक्यूलरवाद के खिलाफ जाता है। जब तक हिंदू धर्म से लोग बाहर जाते रहे, सोनिया गांधी की पार्टी को कोई आपत्ति नहीं थी लेकिन अगर इसी तरह किसी की ''''घर वापसी'''' हो जाए तो कांग्रेस को तकलीफ है।धर्मांतरण पर सदन की कार्यवाही नहीं होने दे रही कांग्रेस सहित उन सभी पार्टियों को चाहिए कि वे सदन का इस्तेमाल देश में भावनाएं भड़काने के लिए नहीं करें क्योंकि सरकार धर्मांतरण पर कानून बनाने को तैयार बैठी है।
Textile News
फ्लिपकार्ट ने बनारसी साडिय़ों के लिये.......
भारत कीअग्रणी ई-कॉमर्स कम्पनी फ्लिपकार्ट डॉटकॉम ने वस्त्र मंत्रालय के डीसी हैण्डलूम के साथ मिलकर बनारसी साडिय़ों के लिये एक एक्सक्लूसिव ऑनलाइन स्टोर लॉञ्च करने की घोषणा की है। जिससे भारतीय बुनकरों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचने का अवसर मिले। सितंबर, 2014 में फ्लिपकार्ट ने अपने ''फ्लिपकार्ट कारीगर के द्वार'' पहल के तहत वाराणसी के लोकल बुनकरों के साथ टाई-अप किया था। इस एक्सक्लूसिव ऑनलाइन बनारसी हैण्डलूम साड़ी स्टोर पर वाराणसी एवं भारत के अन्य बुनकरों की बुनाई की व्यापक रेंज उपलब्ध होगी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार साडिय़ों का मूल्य 3999 रुपये से 15999 रुपये तक होगा। स्टोर वीवर्स को अपनी यूनिक क्राफ्ट्समैनश......
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28/01/2015 To 30/01/2015
15/02/2015 To 17/02/2015
28/02/2015 To 03/03/2015
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नित्या इवेंट्स के बैनर तले ''''मयूर'''' के सह....
वस्त्र मंत्री माननीय श्री संतोष गंगवार ने किया दीप प्रज्वलन नई दिल्ली/ नववर्ष के शुभागमन के साथ ही ''''टेक्सटाइल वल्र्ड'''' के ब्राण्ड प्रमोशन प्रोग्राम के तहत विगत सप्ताह दिल्ली के श्रीराम ऑडिटोरियम में आयोजित ''''कॉमेडी का तड़का'''' कार्यक्रम का शुभारंभ भारत सरकार के वस्त्रमंत्री माननीय श्री संतोष गंगवार ने दीप प्रज्वलित करके किया। उन्होंने अपने वक्तव्य के दौरान कहा कि कवियों के बीच भाषण न करके सिर्फ इतना कहना पर्याप्त होगा कि ब्राण्ड प्रमोशन के मूल उद्देश्य को लेकर यह कार्यक्रम एक नई पहल है। उन्होंने कहा कि मोदी जी की परिणामपरक नीतियों का दूरगामी प्रभाव देश भर में दृष्टिगत हो रहा है और इसलिए वस्त्र उद्योग भी भारत में नई ऊँचाइयों को छूने की ओर अग्रसर है। हम सब उनके साथ इस अभियान में पूर्ण निष्ठा के साथ दिन-रात काम में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक मनोरंजन के ऐसे कार्यक्रम को प्रोत्साहन देकर ''''मयूर'''' ने लोगों से सीधे जुड़ाव का अच्छा उपक्रम किया है। इस दौरान श्री गंगवार ने एल.एन.जे. भीलवाड़ा समूह के संस्थापक बाबू श्री एल.एन. झुनझुनवाला का आभार जताते हुए कार्यक्रम के प्रोत्साहन हेतु उनकी प्रशंसा भी की और आयोजकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। बाबू श्री एल.एन. झुनझुनवाला ने संक्षिप्त शब्दों में वस्त्र मंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें व्यस्ततम समय में इस कार्यक्रम में पधारने पर धन्यवाद ज्ञापित किया। इससे पूर्व दीप प्रज्वलन के पश्चात् बाबू श्री एल.एन. झुनझुनवाला ने पुष्पगुच्छ भेंट करके व शॉल ओढ़कर मंत्रीजी का स्वागत और अभिनन्दन किया। बाबू श्री झुनझुनवाला कार्यक्रम के आरंभ से लेकर अंत तक सामने बैठकर कविगण की प्रस्तुतियों पर उन्हें तालियाँ बजाकर खूब सराहते रहे। ''''टेक्सटाइल वल्र्ड'''' के संपादक एवं देशभक्ति धारा के ओजस्वी कवि योगेन्द्र शर्मा ने वस्त्र मंत्री श्री संतोष गंगवार और बाबू श्री एल.एन. झुनझुनवाला का कार्यक्रम के प्रोत्साहन एवं सान्निध्य हेतु आभार जताया। उन्होंने श्री झुनझुनवाला का जिक्र करते हुए कहा कि जीवन के हर मोड़ पर जब भी हमने कुछ नया करने की पहल की तो सदैव प्रथम आशीर्वाद श्री झुनझुनवाला का ही मिला और सहयोगी की भूमिका में एल.एन.जे. भीलवाड़ा समूह को ही साथ खड़े पाया। शर्मा ने ''''मयूर'''' द्वारा समर्थित इस कार्यक्रम को ''''टेक्सटाइल वल्र्ड'''' के प्रकाशन के सत्रहवें वर्ष में एक नवीन अध्याय बताते हुए कहा कि देश के प्रमुख वस्त्र बाजारों में इसी प्रकार के आयोजन करने की योजना पर काम आरंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि बाबू श्री एल.एन. झुनझुनवाला और श्री रिजु झुनझुनवाला ने जिस प्रकार आगे बढ़कर ''''टेक्सटाइल वल्र्ड'''' द्वारा प्रस्तावित कार्यक्रम को सहयोग प्रदान किया है, हमें नई ऊर्जा और नई प्रेरणा प्राप्त हुई है। कार्यक्रम में ''''टेक्सटाइल वल्र्ड'''' के समस्त दिल्ली के पाठक व्यापारीगण को भी आमंत्रित किया गया। इससे पूर्व श्री एल.एन. झुनझुनवाला का भी शॉल व पुष्पगुच्छ द्वारा स्वागत सम्मान किया गया। इस दौरान श्री रिजु झुनझुनवाला विदेश यात्रा पर थे लेकिन उन्होंने कार्यक्रम की सफलता के लिए ''''टेक्सटाइल वल्र्ड'''' को अपना शुभकामना संदेश प्रेषित किया। देहली हिंदुस्तानी मर्केण्टाइल एसोसिएशन के अध्यक्ष, प्रतिष्ठित कपड़ा एजेण्ट एवं साहित्यिक संस्था ''''काव्य परम्परा'''' के प्रधान श्री सुरेश बिंदल विशेष आमंत्रित अतिथि के तौर पर कार्यक्रम में अधिकांश समय तक मौजूद रहे और कवियों की कविताओं पर खूब दाद देते रहे। योगेन्द्र शर्मा ने श्री बिंदल का कार्यक्रम में पधारने पर स्वागत करते हुए आभार जताया। कविगण भी श्री बिंदल के प्रोत्साहन से अभिभूत होकर रह गए। लाफ्टर चैंपियन और टेक्सटाइल वल्र्ड के ब्राण्ड मैनेजिंग एडिटर श्री सुरेश अलबेला का स्वागत एल.एन.जे. भीलवाड़ा समूह के प्रबंधक श्री नरेन्द्र मुद्गल ने किया। उद्घाटन कार्यक्रम का गरिमापूर्ण संचालन श्री योगेन्द्र शर्मा ने किया।
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Interviews
श्री संजीव लाठिया
श्री संजीव लाठिया
इण्डिया ITME सोसाइटी के चेयरमैन - GTTES
GTTES - 20154 टेक्सटाइल मशीनरी उद्योग के लिए संभावनाओं का द्वार

मुम्बई गत 20 जनवरी से 22 जनवरी, 2015 तक मुम्बई के एग्जिक्यूटिव सेण्टर गोरेगांव में Globle Textile Technology abd Engineering Show -2015 (GTTES - 2015) आयोजित की जा रही है।
इसमें विश्वभर से उत्पादित टेक्सटाइल मशीनरी एवं टेक्नोलॉजी का डिस्प्ले किया गया। इण्डिया ITME सोसाइटी के चेयरमैन श्री संजीव लाठिया ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि मॉडर्न टेक्नोलॉजी को भारत लाने के उद्देश्य से 34 वर्ष पूर्व ITME सोसायटी का श्रीगणेश हुआ था। इसने टेक्सटाइल उद्योग के विकास में एक उत्प्रेरक का कार्य किया है। ITME सोसायटी ने सफलता पूर्वक अपने काम को अंजाम दिया है। इस वर्ष इस संस्था ने नये बाजारों तक पहुँच बनाने के लिए नयी चुनौती को स्वीकार किया है।
GTTES एशियन बाजार तथा टेक्सटाइल मशीनरी एक्सेसरीज, स्पेयर पार्ट्स रॉ-मेटेरियल्स तथा सम्बद्ध सेवा आदि का एक व्यापक (एक्सक्लूसिव) शो है जिसे ITME सोसयाटी ने आयोजित किया है।
श्री लाठिया ने बताया कि इस विशेष प्रदर्शनी के कई उद्देश्य हैं। यह टेक्नॉलोजी एवं मशीनरी की प्रदर्शनी के साथ ही उच्च क्वालिटी, वैरायटी, एलायड सर्विसेज की प्रदर्शनी भी है। यह छोटे और मध्यम एंटरप्राइजेज वाले क्लाइंट की बड़ी मदद करेगा।
उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी महज एक प्रदर्शनी नहीं है। यह बिजनेस आदि को एक माहौल भी प्रदान करेगा। बेहतर नेटवर्किंग की बदौलत यह सेल और सर्विस की क्वालिटी भी उन्नत करेगा। यह व्यक्तिगत अंत:क्रिया के माध्यम से कस्टमर्स संबंधों को प्रगाढ़ करेगा। यह ओवरसीज, रिजनल, डोमेस्टिक बाजारों में नई लीडरशिप भी डवलप करेगा तथा यह छोटे और मध्यम क्लाइंट बेस तक पहुँचेगा।

GTTES 2015 का महत्व - एशिया में उपलब्ध संभावनाओं की तरफ विश्व की नजर खीचनें के उद्देश्य से ये प्रयास जारी है।

आज एशिया टेक्सटाइल मशीनरी का सबसे बडा बाजार एवं विश्व टेक्सटाइल उद्योग का केन्द्र है। आज एशियन बाजार को हाई परफोर्मेंस, हाई क्वालिटी, ऑटोमेशन की हाई डिग्री तथा इनर्जी सर्विस मशीनरी एवं इक्विपमेण्ट की निहायत जरूरत है।
इंटर एशिया टे्रड प्रेडिक्शन के अनुसार एशिया महादेश नये फेज में प्रवेश करने जा रहा है। 2015 तक इंटर- एशिया ट्रेड की मौजूदा 180 बिलियन यू एस डॉलर की तुलना में दुगुना होकर 350 बिलियन यूएस डॉलर के होने की संभावना है। तब यह निर्यातक देशों के लिए सबसे बड़ा मार्केट ब्लॉक बन जाएगा।
श्री संजीव लाठिया ने बताया कि 180 बिलियन यूएस डॉलर के वृहत इंट्रा एशिया-टे्रड के 8 प्रतिशत CAGR की दर से वृद्धि को देखते हुए, इंडिया ITME सोसायटी ITME सीरीज के साथ अलटरनेटली एक्जीबीशन लॉञ्च कर रही है।
श्री लाठिया ने कहा कि भविष्यवाणी की गयी है कि आगामी वर्षों में विश्व टेक्सटाइल उद्योग एवं टेक्सटाइल इंजिनीयरिंग उद्योग का केन्द्र एशिया होगा। विश्व का 70 प्रतिशत से अधिक फाइबर प्रोसेसिंग एशिया में होता है। चीन, भारत एवं पाकिस्तान संयुक्त रूप से 60 प्रतिशत फाइबर उपयोग में लाते हैं।
यह भी भविष्यवाणी की गयी है कि चीनी एवं भारतीय अपेरल-मार्केट का आकार अमेरिका एवं यूरोप के संयुक्त मार्केट आकार से बढऩे जा रहा है। टेक्सटाइल इंजिनीयरिंग एवं सेवा के लिए भविष्य में यह संभावनाओं का द्वार खोलेगा। बांग्लादेश एवं वियतनाम भी प्रतिस्पर्धी टेक्सटाइल देश के रूप में उभर रहे हैं।
टेक्सटाइल एवं अपेरल एक्सपोर्ट के एक शक्तिशाली टे्रड ब्लॉक के रूप में संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए टेक्सटाइल उद्योग के लिए यह महत्वपूर्ण होगा कि एशियन-कंट्रीज में बिजनेस टाई-अप्स स्थापित किए जाय और इस बढ़ाया जाए।
इंडिया ITME सोसायटी के चेयरमैन श्री लाठिया ने बताया कि GTTES - 2015 की प्लानिंग एवं रुपरेखा इस तरह तैयार की गयी है ताकि यह एशियन-टेक्सटाइल मार्केट के लिए एक्सक्लूसिव एवं फोकस्ड बिजनेस इवेंट साबित हो।

श्री लाठिया ने कहा कि भारत के डोमेस्टिक कंजम्पशन एवं निर्यात के लिए भारतीय उत्पादन विश्व के औसत उत्पादन से आगे ग्रोथ के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि 2025 तक उम्मीद है कि भारतीय डोमेस्टिक अपेरल कंजम्पशन बढ़कर 200 बिलियन यूएस डॉलर हो जाएगी, जो विश्व के कई बड़े कन्ज्यूमर्स जैसे जापान, ब्राजील, रूस आदि से ज्यादा है। 2025 में 2012 के 45 बिलियन यूएस डॉलर का 4 गुणा बढ़ा जाएगी।
उन्होंने कहा कि भारत अपेरल, हैडीक्राफ्ट और कुछ अन्य उद्योगों के लिए उभरता हुआ मल्स एवं रिटेल इंडस्ट्री एक व्यापक संभावना पैदा करता है। यह संभावना पूरे वैल्यूचेन तथा अन्य प्रॉडक्ट सेग्मेंट सभी के लिए होगा।

इसी के बीच से मशीनरी सप्लायर्स एवं इससे संबंद्ध व्यापार जैसे केमिकल्स कन्ज्यूमेबल्स, लॉजिस्टिक सभी के लिए व्यापक बाजार खुलेगा।
उन्होंने भारत सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि इसमें टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन फंड स्कीम ने 1,51,000 करोड़ रुपयों की बदौलत मशीनरी सेक्टर को एक बड़ा सपोर्ट दिया है।
श्री लाठिया ने कहा कि इसमें अपना मार्केट शेयर बढ़ाने के लिए उत्पादकों एवं टे्रडरों को क्षेत्रीय बाजार एवं ग्रामीण बाजार पर ध्यान केंदित करना पड़ेगा। इसमें अपार अनएक्स्प्लोर्ड वर्जिन संभावनाएं दिखायी पड़ेगी, जिसका वे लाभ उठा सकेंगे।
जरुरत है सप्लाई चेन डवलप करने की, जो उभरती डोमेस्टिक बाजार को कैटर कर सके। साथ ही पड़ोसी एशियन देशों में भी कस्टमर्स ढुढऩे की जरूरत नहीं पड़ेगी।