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Yogendra Sharma
क्या ‘भाषा’ भूल गए हो मोदी जी...?
माननीय प्रधानमंत्री श्रीमान नरेन्द्र मोदी जी, क्या अब भी आपकी समझ में यह बात नहीं आयी है...कि शाल, साड़ी और पत्रों के आदान-प्रदान से ‘कुत्ते की दुम’ सीधी नहीं हो सकती...किस गलतफहमी में जी रहे हैं जनाब...आपने अपनी तरफ से पाकिस्तान से मित्रता के लिए जो प्रयास करना था, कर लिया...अपने शपथ ग्रहण समारोह में आपने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को ससम्मान आमंत्रित करके...उनका गर्मजोशी से स्वागत करके...अपनी तरफ से कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी...किन्तु नतीजा क्या हुआ...फिर हमारा एक बेशकीमती जवान अकारण शहीद हो गया...आपको तो पता ही होगा...जब-जब भी भारत ने पाकिस्तान की ओर मैत्री का हाथ बढ़ाया, तब-तब हमें मिला कारगिल युद्ध, जवानों की शहादत, संसद पर हमला, मुम्बई पर हमला और कई बम धमाके...हमारे धार्मिक स्थानों को भी नहीं छोड़ा इन दुष्टों ने...कभी भारत मां के किरीट पर प्रहार किया तो कभी हमारे जवानों के सर काट कर हमारे स्वाभिमान को ललकारा...क्या आपको यह भी बताने की जरूरत है कि पाकिस्तान नाम का यह सौ फीसदी नाजायज मुल्क कश्मीर को भारत से विखंडित करना चाहता है...पूरे भारत में खून-खराबा करना चाहता है...क्या हमने पाकिस्तान से तीन-तीन जंग नहीं लड़ी...कितने अफसोस की बात है कि हर बार जंग जीतने के बाद भी हम पाकिस्तान को सबक सिखाने में कामयाब नहीं हो पाए...क्या यह भी अब आपको बताने की जरूरत रह गई है कि हमारी संसद पर आक्रमण के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा कि ‘आर-पार की लड़ाई होगी’...विश्व के इतिहास में शायद पहली बार एक वर्ष तक भारत-पाक सेनाएं आमने-सामने डटी रही...क्या ‘उखाड़’ लिया हमने पाकिस्तान का...और आज भी हम क्या कर रहे है...मोदी जी...पूरे देश ने देखा...प्रधानमंत्री बनने से पहले एक टीवी चैनल ने जब आपसे मुम्बई हमले का जवाब देने संबंद्दी एक प्रश्न पूछा...तो आपने कठोरता से कहा था, ‘‘पाकिस्तान से उसी की भाषा में बात करनी चाहिए’’...क्या आप वह ‘भाषा’ भूल गए हैं...या अपना वह वक्तव्य...यदि यह दोनों ही बात नहीं है...तो फिर आप अब तक ‘चुप’ क्यों हैं...आपके प्रधानमंत्री रहते पाकिस्तान रह-रहकर कैसे संघर्ष विराम का उल्लंघन करते रहने का दुस्साहस कर रहा है...बकौल रक्षामंत्री अरूण जेटली...यदि हमारी सेना जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की ओर से किए जा रहे संघर्ष विराम उल्लंघनों से निपटने में पूरी तरह सक्षम और सुसज्जित है...तो वो पाकिस्तान को ‘उचित’ जवाब क्यों नहीं दे रही...क्यों बे-मौत मारे जा रहे हैं हमारे जवान...केवल जबानी जमा-खर्च से ही क्या पाकिस्तान ‘फतह’ करने के मंसूबे पाले हुए हो मोदी जी...या वाकई नया इतिहास लिखने की ताकत और हौसला भी है आपके ‘56 इंची’ सीने में...?
Textile News
उद्योग क्षेत्र में बन रहा है विश्वास .......
देहली हिंदुस्तानी मर्कन्टाइल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री सुरेश बिंदल ने नई सरकार के प्रथम बजट को सकारात्मक बताते हुए कहा कि देश में विश्वास का वातावरण तैयार होने के साथ-साथ उद्योग क्षेत्र की उम्मीदों को भी बल मिला है और आलोचकों के पास कोई बिंदु नहीं है, जिसे लेकर सरकार की आलोचना की जा सके। उन्होंने कहा कि केवल 45 दिन बाद प्रस्तुत आम बजट में साफ तौर पर श्री नरेन्द्र मोदी का ''विजन दृष्टिगत हो रहा है। ऊर्जा क्षेत्र में सोलर, विण्ड, कोयला, परमाणु, इत्यादि सभी के विकास पर ध्यान केन्द्रित किया है, जिसका लाभ जनता के बाद उद्योग जगत को ही सर्वाधिक मिलने वाला है। श्री बिंदल पिछले दिनों अपने भीलवाड़ा प्रवास के दौरान ''ट......
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महाजन की कॉन्फ्रेंस 6 से 8 अगस्त तक शिमला में....
मुम्बई/ महाजन सिल्क मिल्स की कॅांफ्रेंस 6 से 8 अगस्त तक शिमला के तारिका जंगल रिट्रीट में आयोजित की जाएगी। इसमें कंपनी के पटना, गाजियाबाद, बरैली एवं सहारनपुर के होलसेलर एवं रिटेलर भाग लेंगे। Mahajan की अगली कॉन्फें्रस 18 से 20 अगस्त तक आगरा में जयश्री टेक्सटाइल के डायरेक्टर श्री गोविंद चंडक के तत्वावधान में आयोजित की जाएगी। इसमें कंपनी के तमिलनाडु के होलसेलर एवं रिटेलर भाग लेंगे। उल्लेखनीय है कि Mahajan ब्राण्ड उत्तम कोटि के सूटिंग की पूरी रेंज का उत्पादन करता है। यहां इनहाउस प्रॉडक्शन की व्यवस्था है। इसमें वीविंग, फैब्रिकेटिंग, प्रोसेसिंग सहित उत्पादन की तमाम फैसिलिटी उपलब्ध है। Mahajan ब्राण्ड ने जोड़ी पैकिंग में काफी नयी रेंज इंट्रोड्यूस की है।
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The precision and detailing that goes into weaving is the result of craftsmen''''s skills and knowledge about the weaving pattern. Weaving is a signif....
Checks and stripes have been prints that have existed in men''''s fashion for an eternity now. Plains and solids with minimal patterns have adorned a ....
Interviews
श्री राहुल मेहता
श्री राहुल मेहता
प्रेसीडेंट - CMAI
CMAI अदा करता है गारमेण्ट इण्डस्ट्री में प्रमुख भूमिका
 -श्री राहुल मेहता 

क्लाॅथिंग मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन आॅफ इण्डिया (CMAI) के प्रेसिडेण्ट श्री राहुल मेहता टेक्सटाइल जगत में किसी तारीफ के मोहताज़ नहीं है। CMAI की गारमेण्ट उद्योग में अहम भूमिका है। आगामी 23,24,25 जून को मुम्बई में CMAI का 59वां फेयर आयोजित होने जा रहा है। इस इवेंट से पूर्व CMAI के विषय में श्री राहुल मेहता से ‘टेक्सटाइल वर्ल्ड’ के रिपोर्टर विनोद सिंह ने विस्तृत चर्चा की। पेश हैं चर्चा के प्रमुख अंंशः- 

प्रश्नः रेडीमेड गारमेण्ट उद्योग के उत्पादकों, निर्यातकों, रिटेलरों की स्थिति वर्तमान परिप्रेक्ष्य में क्या है? 
श्री राहुल मेहता- पूर्व के कुछ महीनों में जब चुनाव नहीं हुए थे, टेक्सटाइल उद्योग थोड़ा धीमा चल रहा था। अब जबकि नयी सरकार का गठन हो चुका है, आर्थिक सेंटीमेण्ट सकारात्मक होने लगी है। मुझे उम्मीद है कि अच्छे ग्रोथ रेट के दिन वापस आने का समय आ गया है। मुझे लगता है कि 12 से 15 प्रतिशत की ग्रोथ आने वाले दिनों में होगी। काफी समय बाद निर्यात भी अच्छे फेज में आ गया है और यह आगे भी बढ़ेगा। मुझे लगता है कि अगले 5 साल में अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार होंगे। 
प्रश्नः CMAI आर.एम.जी. उद्योग की प्रगति में किस तरह की भूमिका अदा कर रही है? 
श्री राहुल मेहता- आर.एम.जी. उद्योगों को अपनी सेवा प्रदान कर CMAI उसमें प्रमुख भूमिका अदा करती है। यह आर.एम.जी. उद्योग के प्रवक्ता के रूप में सरकार को उनकी समस्याओं से अवगत कराती है। यह रणनीति निर्धारण एवं रेगुलेशन में भी सहायता करती है। यह उत्पादकों को लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से अवगत कराती है।CMAI ट्रेनिंग सेंटर स्थापित कर इस उद्योग के लिए आवश्यक मैन पाॅवर भी जुटाती है। इसके पास टैस्टिंग लैबोरेट्रीज है जो मामूली मूल्य पर टेस्टिंग फैसिलीटी मुहैय्या कराती है। इसके अलावा CMAI का गारमेण्ट फेयर अपने मेंबर्स के लिए अपने उत्पाद का डिस्प्ले करने के लिए प्लेटफाॅर्म मुहैय्या कराती है। 3 दिवसीय फेयर के दरम्यान इसमें लगभग 30 हजार विजिटर्स भाग लेते हैं। इसी तरह यह IIGF निर्यातकों हेतु इसी तरह की सुविधा मुहैय्या कराती है। इसमें अंतरराष्ट्रीय बायर्स भाग लेते हैं और इंटरैक्ट करते हैं। इस सबसे आर.एम.जी. उद्योग को प्रगति में बल मिलता है। 
प्रश्नः नयी सरकार से टेक्सटाइल उद्योग की प्रगति के लिए आप क्या अपील करना चाहेंगे? 
श्री राहुल मेहता- हम चाहेंगे कि, नयी सरकार इस टेक्सटाइल उद्योग की प्रगति को प्रोत्साहित करे। यह कृषि के बाद रोज़गार देने वाला सबसे बड़ा उद्योग है। इससे रोज़गार का सृजन होगा।खासकर स्त्रियों एवं ननस्किल्ड वर्ग को भी इसका लाभ मिलगा। हम चाहते हैं कि इन वर्कर्स में ट्रेनिंग हेतु सरकार प्रयास करे। सरकार भारतीय ब्रांड को प्रोत्साहित करे। नीतिगत मामलों में कन्टीन्यूटी बनाए रखे।